शनिवार, 7 मई 2016

Android mobile phones के लिए हिंदी टंकण औजार

Android mobile phone ke liye Bharatiya bhasha mein sabse accha टंकण औजार उपलब्ध है वह है indic वैसे तो भारतीय भाषाओं में टंकण के लिए गूगल के प्ले स्टोर पर अनगिनत औजार उपलब्ध हैं पर इंडिक की टंकण के मामले में बात ही निराली है इसमें लगभग समस्त भारतीय भाषाओं को और कुछ विदेशी भाषाओं को भी सम्मिलित किया गया है और उनके भिन्न-भिन्न प्रकार के कुंजीपटल जिसमें जोड़े गए हैं जैसे कि हिंदी देवनागरी के लिए ही हिंदी इनस्क्रिप्ट हिंदी रेमिंगटन और हिंदी phonerotics इसी प्रकार अन्य भाषाओं के लिए भी उनके विभिन्न प्रकार के कुंजीपटल को इसमें समाहित कर लिया गया है मैं इसी औजार का उपयोग करते हुए यह लेख लिख रहा हूं आपको जानकर अत्यंत हर्ष होगा की इसऔजार का कुंजीपटल अवस्था ठीक संगणक के कुंजीपटल की ही तरह है जिससे कि चलाने में काफी आसानी होती है और काम झटपट हो जाता है पुराने समय में हिंदी का रेमिंगटन कीबोर्ड का प्रचलन बहुत ज्यादा था मैंने भी जग हिंदी टाइपिंग सीखी थी तब रेमिंगटन का ही जमाना था इसके बाद यूनिकोड का पदार्पण हुआ जिससे की विश्व भारती सभी भाषाओं के लिए निश्चित कोड आवंटित किए गए और उसका परिणाम निकला कि वे सभी भाषाएं संगणक में सक्षम हो गई जिनमें हमारी हिंदी भी थी इस औजार में भारत की समस्त भाषाओं को समाहित कर लिया गया है जैसे कि संस्कृत हिंदी बांग्ला मराठी तमिल तेलुगु उड़िया ब्राम्ही पाली assamiya Urdu Nepali Gujarati Punjabi Sabke Liye विभिन्न प्रकार के कुंजीपटल भी उपलब्ध कराए गए हैं आप भी इसका प्रयोग करके देखें मैं इसका प्रयोग कर रहा हूं इसके आगे मेरे अनुसार सभी कीबोर्ड पीछे है

शनिवार, 17 अक्टूबर 2015

बिजयदशमी महोत्सव
-: गीत :-
जाग उठा है आज देश का वह सोया अभिमान।
प्राची की चंचल किरणों पर आया स्वर्ण विहान॥ जाग उठा...
स्वर्ण प्रभात खिला घर-घर में जागे सोये वीर
युध्दस्थल में सज्जित होकर बढ़े आज रणधीर
आज पुनः स्वीकार किया है असुरों का आह्वान॥ जाग उठा...
सहकर अत्याचार युगों से स्वाभिमान फिर जागा
दूर हुआ अज्ञान पार्थ का धनुष-बाण फिर जागा
पांचजन्य ने आज सुनाया संसृति को जयगान॥जाग उठा...
जाग उठी है वानर-सेना जाग उठा वनवासी
चला उदधि को आज बाँधने ईश्वर का विश्वासी
दानव की लंका में फिर से होता है अभियान॥।जाग उठा...
खुला शम्भु का नेत्र आज फिर वह प्रलयंकर जागा
तांडव की वह लपटें जागी वह शिवशंकर जागा
तालताल पर होता जाता पापों का अवसान॥जाग उठा...
ऊपर हिम से ढकी खड़ी हैं वे पर्वत मालाएँ
सुलग रही हैं भीतर-भीतर प्रलयंकर ज्वालाएँ
उन लपटों में दीख रहा है भारत का उत्थान॥।जाग उठा...

-: सुभाषित :-
नाभिषेको संस्कारः सिंहस्य क्रियते वने।
विक्रमार्जितसत्वस्य स्वयमेव मृगेन्द्रता॥
अर्थ:- कोई और सिंह का वन के राजा जैसे अभिषेक या संस्कार नहीं करता है, अपने पराक्रम के बल पर वह स्वयं जंगल का राजा बन जाता है ॥
-: अम्रतवचन :-

"दूसरों से सहायता की आशा करना या भीख माँगना किसी दुर्बलता का चिन्ह है। इसलिये बंधुओं निर्भयाता के साथ यह घोषणा करो की हिंदुस्तान हिंदुओं का ही है। अपने मन की दुर्बलता को बिल्कुल दूर भगा दो।"- डा. हेडगेवार 

बुधवार, 15 अप्रैल 2015

अभ्यास ही गुरू है, अनुभव ही सच्चा ज्ञान है।



अभ्यास ही गुरू है, अनुभव ही सच्चा ज्ञान है।
" Exercise is teacher, and Experience is true knowledge."

''स्वामी विवेकानंद''




''अभ्यास ही गुरू है''
''Exercise is teacher"
उदाहरणः- एकलब्य महाभारत का पात्र

              कथा इस प्रकार है
एकलब्य एक भील पुत्र था गुरू द्रोणाचार्य केवल राजकुमारों को ही शिक्षा देते थे। एकलब्य ने उनसे विद्या प्रदान करने का आग्रह किया परंतु उन्होने उसे विद्या देने से मना कर दिया परंतु वह दृढ़ निश्चय करके गुरू के प्रति श्रद्धा रखते हुये उसने द्रोणाचार्य का एकांत जंगल में एक प्रतिदर्श(प्रतिमा) बनाकर उसके सामने ही दैनिक अभ्यास करने लगा और एकलब्य की अपने गुरू पर अगाघ श्रद्धा और उसके अभ्यास का का ही प्रतिफल था कि वह सभी विद्यार्थियों की अपेक्षा ज्यादा पारंगत हुआ। जो कि गुरू के आश्रम में विद्या अघ्ययन करते थे। एकलब्य की विद्या इतनी सिद्धहो चुका था कि उसके सामने सभी    धनुर्धारी बौने प्रतीत हो रहे थे हॉं ये बात अलग है कि उसकी तुलना में बाकी योद्धाओं के पास अस्त्र उच्चकोटि के थे। अब यहां पर कथा में एक और मोड़ आता है कि एकलब्य ने अपने गुरूद्रोणाचार्य को दक्षिणा स्वरूप अपना अंगूठा दे दिया था।
इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी और पुनः नित्य अभ्यास में लग गया और बिना अंगूठे के ही उसने अपनी विद्या को पहले की तरह सिद्धकर लिया और अपने जीवन में सफलता प्राप्त की पर पतना होने के बाद भी उसकी अपने गुरू द्रोणाचार्य के प्रति श्रद्धा कम नही हुई।
बाकी संदेश अगले उदाहरण से और स्पस्ट हो जायेगा।

''अनुभव ही सच्चा ज्ञान है''
"Experience is true knowledge."
      कथा इस प्रकार हैः-
      एक जहाज समुद्र में लंबी यात्रा पर निकला था। रास्ते में उसके इंजिन में खराबी आ जाती है उसको ठीक करने के लिये उस विषय के बडे़ बडे़ प्रकांड अभियंता आमंत्रित किये गये। वे सब के सब इस समस्या का सही व संक्षिप्त समाधान खोजने में असफल रहे। इंजिन की संभावित जांच करने के बाद भी उन्होंने सुझाव दिया कि इंजिन को बदलना पड़ेगा। यह सुझाव सुनने में जितना आसान व सरल लगता है उतना ब्यौवहारिक नहीं है। उसी जहाज में एक पुराना कर्मचारी था। जो कि समय की मार से जर्जर हो चुका था। बृद्ध होने के कारण उसकी उपेक्षा की जा रही थी।
पर उसके पास इस समस्या का समाधान था अंत में उसको निरीक्षण के लिये बुलाया गया उसने हथौड़े से इंजिन के एक विशेष हिस्से पर कुछ चोट मारी और चालक दल को इंजिन चालु करने को कहा इंजिन चालु हो गया सही तरह से कार्य करने लगा। सभी यह देखकर हतप्रभ रह गये।
इसका सार है यह है कि
अभ्यास से बहुत कुछ संभव है। पर उन लोगों  ( शिक्षक / गुरूओं )की उपेक्षा नहीं करनी चाहिये जो अपने जीवन का अनुभव आपको देते हैं। वो भी कम समय में आप ही विचार कीजिये की उस अनुभव को अपने द्वारा अर्जित करने में आपका सम्पूर्ण जीवन लग जायेगा। और यह बुद्धिमत्ता नहीं है।
अगर आपको जीवन में सफल होना है तो
नित्य सिद्ध अभ्यास,गुरूओं का अनुभव,व उनपर आस्था व सम्मान रखें निश्चित ही सफलता आपके चरणों में होगी।

रविवार, 1 फ़रवरी 2015

एक मोबाईल ट्रिक

एक मोबाईल ट्रिक 



एक लडकी ने अपने पुरुष मित्र का नंबर ‘‘बैटरी लॉ‘‘ नाम से माबाईल पर सहेज रखा था जब भी उसकी मिस्ड कॉल अती उसकी मम्मी को मोबाईल की स्क्रीन पर ‘‘बैटरी लॉ‘‘ का संदेश दिखाई देता और बे उसको चार्ज में लगा देती समझती की बैटरी लो हो गई है और वह लडकी बाद में एकांत में जाकर अपने ‘‘बैटरी लॉ‘‘ से बात कर लेती थी वैसे उसने भी कमाल का आयडिया सोचा था।
इसी तरह का एक और आयडिया आप सब की सेवा में


इस लेख को पढकर अब आप अपने महिला/पुरूष मित्र का नंबर जिसे दुसरों सं छुपाना चाहते हैं को ‘‘बैटरी लॉ‘‘ नाम से नहीं सहेजना पडेगा।
अभी तक आप कोई भी नंबर नाम से सहेजते हैं तो कोई भी उस सहेजे जाने वाले नंबर से कॉल होती है और कोई दूसरा बरूक्ति उस काल की जानकारी उसे किस नाम से सहेजा गया है देख लेता हे और न चाहते हुये भी हमारे बगल वाले व्यक्ति को वह नाम दिख जाता है।
हम चाहते हैं कि एैसा न हो
तो इसके लिये नंबर को सहेजत समय जब ब्यक्ति का नाम  लिखते हैं तो उसके पहले एक एंटर लिखे (दवायें) फिर नाम लिखना प्रारंभ करें अब इस संपर्क सूत्र को सहेज दें। अब इस नबर से कोई भी कॉल आता है इस पर कोई भी कॉल किया जाता है तब दृष्य पटल पर बिन्दू-बिन्दू (...) दिखाई देते हैं और कोई नाम नहीं दिखता है।
अब इस नाम को यदि संपर्क पुस्तिका में खेाजा जाता है तब भी यह बिन्दू-बिन्दू (...) के रूप में दिखई देता है
इसका पूरा ब्यौरा देखने पर ही संपर्क नाम दिखाई देता है।

है ना कमाल का लेख और इस प्रकार एक से अधिक कई नामों के साथ  एैसा कर सकते हैं ‘‘बैटरी लॉ‘‘ इस एक नाम की तो लिमिट होती है पर मेरा हथियार(उपाय) है ना कमाल का पर ध्यान दें यह हथियार नोकिया 2690 पर परीक्षित किया गया है यह आवश्यक नहीं की हर मोबाईल पर सही काम करे
अब एक काम आपके लिये अपने मोबाईल पर इस हथियार का परीक्षण कर परिणाम को टिप्पणी संदूक में लिखें।

गुरुवार, 25 सितंबर 2014

मूषक कुंजी पटल

मूषक कुंजी पटल नियंत्रण

आज बहुत दिनों बाद में ये पोस्‍ट लिख रहा हुं आशा है आपके लिये उपयोगी होगी ।

संगणक के बिस्‍त्रत कुंजीपटल में कुंजियां समूहों में ब्‍यवस्थित रहतीं हैं
जैसे
1* कार्यकारी कुंजियां एफ1 से एफ12 तक चार चार के समूहों में प्रथम लाईन में रहतीं है।
2* अक्षर तथा संकेतिक कुंजियां।
3* गणतीय कुंजियां ।
4* विशेष कुजियां।
5* भ्रमण कुजियां।
इतने प्रकार के समूहों में से गणतीय कुंजी समूह का प्रयोग मूषक  कुजी के रूप में किया जाता है।

मूषक  कुजी का उपयोग कैसे करें या बिना मूषक  के बिन्‍दू चिन्‍हक कैसे खिसकायें ।
इसके लिये पहले मूषक  कुंजियों की रूपरेखा तय की जाती है।
अब निम्‍न चरणों में इसकी रूपरेखा तय करते है ।
1 * नियंत्रण पटल की खिड.की को खोलते हैं (start àControl Panel à Ease of Access Center)
अथवा निम्‍न पते पर पहुचें।
1 Control Panel\All Control Panel Items\Ease of Access Center
2 Control Panel\All Control Panel Items\Ease of Access Center\Make the mouse easier to use
अब आप सही गंतव्‍य तक पहुंच गये हैं
2 * यहां पर(  Turn on mouse keys) चिन्‍हक वर्ग को चिन्‍हित करें ।
3 * अब (Set up Mouse Keys) लिंक पर चटका लगायें ।
अब यहां पर प्रथम चिन्‍हक वर्ग (  Turn on mouse keys) को चिन्‍हित करें ।
चित्रानुसार स‍भी चिन्‍हक वर्गों को चिन्‍हित कर दें ।
चिन्‍हक की गति (Pointer Speed)  तथा चिन्‍हक के त्‍वरण (Pointer Acceleration) को अधिकतम पर रखें।
अब अन्‍य रूपरेखा में
मूषक  कुजी का प्रयोग करें जब संख्‍या ताला
खुला हो (numlock on)
बंद हो  (numlock off)
अब जो भी रूपरेखा निर्धारण किया है उसको लागू कर सम्‍पन्‍न पर चटका लगायें ।
अब पिछली खिड.की पर वापस जाना है ।
पता  Control Panel\All Control Panel Items\Ease of Access Center\Make the mouse easier to use
यहां पर (mouse settings ) की कड.ी पर चटका लगायें ।
अब आपके सामने मूषक के अवयव दिखाई देने लगेंगे। जिसमें से चित्रानुसार चिन्‍हक विकल्‍पों की रूपरेखा तय करनी है।
चित्र के अनुसार चिन्‍हक बर्ग चिन्‍हित है उसी प्रकार आप भी चिन्हित कर लें।
अब समस्‍त परिवर्तन को लागू कर दें और सम्‍पन्‍न पर चटका लगायें।

इस प्रकार से विस्‍त्रत रूपरेखा परिवर्तन कर माउस कुंजी के लिये अच्‍छे परिणाम प्राप्‍त किये जा सकते हैं।

अब कार्य करने हेतु संख्‍याताजा कुंजी को बंद करने के बाद मूषक कुंजी सक्रिय हो जायेगी।

हां इस सारे कार्य को करनें के लिये एक लघु मार्ग भी है पर लघु मार्ग की अपनी कुछ सीमायें होती हैं आप इसको भी प्रयोग कर देख सकते हैं।
कुजी पटल का वाम हस्‍तक कंजी पटल का वाम हस्‍तक सिफट तथा आल्‍ट के सा‍थ संख्‍याताला(नम लाक )कुंजियों को दबाना है।
जिससे चित्रानुसार एक खिड.की खुलेगी जहां से मूषक  कुंजीयों की रूपरेखा को बदला जा सकता है तथा विनाबदले भी मूषक  कुंजियों का प्रयोग किया जा सकता है।

मूषक कुजियों के कार्य इस प्रकार से हैं।
1* 1,2,3,4,6,7,8,9 मूषक चिन्‍हक के भ्रमण हेतु।
2* 5 चटका लगाने हेतु।
3* + दो बार चटका लगाने हेतु।
4* 0 या आईएनएस चयनित सामग्री को पकड.ने हेतु।
5* . या डेल पकड.ी हुये सामग्री को छोड.ने हेतु।

इस विषय पर आपके आमूल्‍य सुझावों का स्‍वागत है
अपने जीवन के बहुमूल्‍य क्षणों में से कुछ क्षंण निकालकर अपनी प्रतिक्रिया अवश्‍य दें। आपकी प्रतिक्रियायें लेखक को एैसे लेख लिखने के लिये उत्‍साहित करतीं हैं।








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